कंधमाल के राइकिया प्रखंड में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण (22-24 अक्टूबर 2025)

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कंधमाल के राइकिया प्रखंड में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण (22-24 अक्टूबर 2025)

भाकृअनुप-केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई), कटक ने टीएसपी पहल के अंतर्गत, कंधमाल के राइकिया प्रखंड के बीरपंगा, लामुंगिया और गुडकिया गाँवों में 22-24 अक्टूबर, 2025 के दौरान प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति किसानों के बीच पर्यावरण-अनुकूल चावल आधारित खेती को बढ़ावा देना था।
डॉ. बी. राघवेंद्र गौड़ (वैज्ञानिक, फसल उत्पादन प्रभाग) ने प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांतों को समझाया, जिसमें मृदा कार्बनिक पदार्थ को बढ़ाना, मृदा की गड़बड़ी को कम करना, फसल विविधीकरण और कृत्रिम आदानों से बचना शामिल है। मृदा स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार के लिए जैविक आदानों, हरी खाद (ढैंचा), बीजामृत बीज उपचार, अंतर-फसल और मल्चिंग के उपयोग पर भी प्रकाश डाला गया।
डॉ. रघु एस (वैज्ञानिक, फसल संरक्षण) ने पर्यावरण-अनुकूल कीट एवं रोग प्रबंधन विधियों, जैसे गोमूत्र या राख से बीज उपचार, फसल चक्रण, कीट-विकर्षक फसलों (गेंदा, लहसुन) के साथ अंतर-फसलीकरण, और नीमास्त्र, नीम के बीज की गिरी का अर्क, ब्रह्मास्त्र, अग्निअस्त्र और खट्टी छाछ जैसे जैविक-सूत्रीकरणों का उपयोग, का प्रदर्शन किया।
कुल मिलाकर, 150 किसानों और महिला किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया, जिसका समापन किसान-वैज्ञानिक संवाद और क्षेत्र भ्रमण के साथ हुआ। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. रघु एस और डॉ. बी. राघवेंद्र गौड़ ने किया।

Author: crriadmin