अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना: ओयूएटी छात्रों को प्रकाश जाल, जैवकारक और फेरोमोन का ग्राम स्तर पर अनुभव प्राप्त ![]()
ओडिशा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के 48 स्नातक छात्रों ने, प्रो.एम.के.त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भाकृअनुप–केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई), कटक का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य छात्रों को चावल में कीटविज्ञान अनुसंधान और नई-नई तकनीकों से अवगत कराना था। दौरे के दौरान, छात्रों ने डॉ. श्यामरंजन दास महापात्र, फसल सुरक्षा प्रभाग के अध्यक्ष से चर्चा किया जिन्होंने पर्यावरण मैत्री कीट प्रबंधन तकनीकों पर एक विस्तृत प्रदर्शन दिया। इस सत्र में आईसीएआर-सीआरआरआई द्वारा पेटेंटेड अल्टरनेटिव एनर्जी लाइट ट्रैप, सोलर 24×7 इंसेक्ट ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप, ब्राकोन-कार्ड्स और ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। डॉ. महापात्र ने किसानों के लिए स्थिर और लागत-कुशल गैर-रासायनिक कीट प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देने में संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इसके अलावा, छात्रों ने संस्थान के ओराइज़ा संग्रहालय, जैवनियंत्रण प्रयोगशाला, इंसेक्टेरियम और फेरोमोन उत्पादन यूनिट का दौरा किया जहां उन्होंने उन्नत पौध सुरक्षा तकनीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। श्री एम. अन्नामलाई, वैज्ञानिक (कीटविज्ञान) ने छात्रों को ट्राइकोकार्ड तैयार करने की अर्ध-स्वचालित विधि का प्रदर्शन किया। श्री एकाम्र पधान ने छात्रों को ड्रोन तकनीक के उपयोग और ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र की सुविधाओं से अवगत कराया।
डॉ. गायत्री सिन्हा ने इस भ्रमण कार्यक्रम का समन्वय किया और छात्रों के साथ संवाद सत्र को सुगम बनाने में मदद की। यह दौरा छात्रों के लिए अत्यधिक जानकारीपूर्ण साबित हुआ जिसमें उन्हें कीट प्रबंधन के प्रायोगिक, नवोन्मेषी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से जुड़े समाधानों की गहरी समझ मिली।
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