सीएबीआई और सीआरआरआई द्वारा चावल पारिस्थितिकी तंत्र में फसल हानि के लैंगिक आधारित आकलन पर सहयोगात्मक परियोजना आरंभ

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सीएबीआई और सीआरआरआई द्वारा चावल पारिस्थितिकी तंत्र में फसल हानि के लैंगिक आधारित आकलन पर सहयोगात्मक परियोजना आरंभ

अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं जैव विज्ञान केंद्र (सीएबीआई) ने केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के सहयोग से चावल पारिस्थितिकी तंत्र में फसल हानि का लैंगिक-आधारित आकलन करने के लिए एक नई परियोजना शुरू की है। यह अध्ययन सीएबीआई की फसल हानि के बोझ पर वैश्विक पहल का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संसार भर में फसल हानि के पैमाने और उसके कारणों के बारे में ठोस, साक्ष्य-आधारित जानकारी जुटाना है।
प्रत्येक वर्ष, 40% तक फसलें कटाई से पहले ही नष्ट हो जाती हैं। फसल हानि खाद्य सुरक्षा, किसानों की आजीविका और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करती है। लेकिन, इस समस्या को ठीक से समझा नहीं गया है, जिससे नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती है। फसल हानि का वैश्विक बोझ पहल का उद्देश्य फसल हानि के विश्वसनीय, कार्यान्वयन योग्य अनुमान प्रदान करके इस ज्ञान अंतर को पाटना है ताकि वैश्विक स्तर पर कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए निर्णय लिए जा सकें।
लैंगिक दृष्टिकोण को एकीकृत करके, यह परियोजना इस बात पर प्रकाश डालेगी कि फसल हानि पुरुष और महिला किसानों को अलग-अलग तरीके से कैसे प्रभावित करती है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हस्तक्षेप अधिक समावेशी और न्यायसंगत हों। इसके अलावा, कृषि लचीलापन और नवाचार में साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने हेतु सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाने हेतु एक दो दिवसीय हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा ताकि एक व्यापक केस स्टडी विकसित की जा सके।
यह सहयोग खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और पूरे ओडिशा में चावल की खेती प्रणाली को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह परियोजना 15 सितंबर 2025 को कटक स्थित सीआरआरआई परिसर में शुरू की गई थी।

Author: crriadmin