भाकृअनुप-सीआरआरआई, कटक में हिंदी कार्यशाला का आयोजन ![]()
भाकृअनुप–केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान कटक, में आज दिनांक 06 जुलाई 2026 को राजभाषा कार्यशाला “कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रभावी प्रयोग” का आयोजन किया गया। संस्थान के निदेशक महोदय डॉ. जी. ए. के. कुमार के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में संस्थान के विभिन्न प्रशासनिक व प्रभाग एवं अनुभागों के 31 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देना तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जागरूक करना था। कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान के सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री देवेन्द्र सिंह द्वारा प्रतिभागियों के स्वागत के साथ किया गया। उन्होंने हिंदी कार्यशालाओं के आयोजन के उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रयोग निरंतर सरल एवं प्रभावी होता जा रहा है।
राजभाषा विभाग द्वारा विकसित ‘भारती’ बहुभाषी अनुवाद टूल के उपयोग की उपयोगिता एवं महत्त्व पर चर्चा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इनके अधिकाधिक उपयोग हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ये डिजिटल माध्यम हिंदी शिक्षण, राजभाषा कार्यान्वयन तथा कार्यालयीन हिंदी के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को राजभाषा अधिनियम, राजभाषा नियम, अधिसूचित कार्यालयों से संबंधित प्रावधानों, केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य पत्राचार की व्यवस्था तथा कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के अनिवार्य एवं प्रभावी प्रयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्होंने राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने अनुभागों में दैनिक कार्यालयीन कार्य हिंदी में करने का आग्रह किया। साथ ही, ई-मेल के माध्यम से हिंदी में पत्राचार करने, यूनिकोड आधारित हिंदी टंकण का अधिकाधिक उपयोग करने तथा प्राप्त हिंदी एवं अंग्रेजी पत्रों का उत्तर हिंदी में तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान सभी प्रतिभागियों को यूनिकोड आधारित हिंदी टंकण का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। सभी प्रतिभागी हिंदी टंकण करने में सक्षम हैं तथा उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी टंकण का नियमित रूप से प्रयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री देवेन्द्र सिंह ने सभी प्रतिभागियों का सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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