भाकृअनुप–केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI), कटक में दिनांक 14 सितंबर से 13 अक्टूबर, 2026 तक हिंदी चेतना मास–2026 का आयोजन ![]()
भाकृअनुप–केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI), कटक में दिनांक 14 सितंबर से 13 अक्टूबर, 2026 तक हिंदी चेतना मास–2026 का आयोजन किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. जी. ए. के. कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दैनिक एवं कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना था। हिंदी चेतना मास के दौरान संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवधि में हिंदी भाषा के प्रति रुचि विकसित करने, भाषायी कौशल को प्रोत्साहित करने तथा राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कुल 12 विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में हिंदीभाषी एवं हिंदीतर भाषी प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताओं की व्यवस्था की गई, ताकि सभी प्रतिभागियों को अपनी भाषायी क्षमता एवं प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके। इन प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन एवं निष्पक्ष मूल्यांकन में संस्थान के निर्णायक मंडल के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने अपनी सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग से प्रतियोगिताओं के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिंदी चेतना मास–2026 का समापन समारोह दिनांक 16 अक्टूबर, 2026 को संस्थान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में संस्थान के निदेशक डॉ.जी.ए.के.कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री वी. गणेश कुमार, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. उपेंद्र कुमार सहित संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।समारोह के दौरान राजभाषा हिंदी के महत्व तथा सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतिभागियों के उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए भविष्य में भी राजभाषा संबंधी गतिविधियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के संचालन में आयोजन समिति, निर्णायक मंडल एवं राजभाषा अनुभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन समारोह का संचालन सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री देवेंद्र सिंह द्वारा किया गया तथा अंत में हिंदी अनुवादक श्री बिभु कल्याण मोहंती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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